पिपलोदी स्कूल हादसा: गोविंद सिंह डोटासरा ने घटनास्थल पर जताया गहरा शोक, सिस्टम पर उठाए सवाल
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Political rajlokmedia | 07 Aug 2025
झालावाड़/जयपुर, 7 अगस्त 2025
झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में हुए स्कूल भवन हादसे को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। डोटासरा आज घटनास्थल पर पहुंचे और हालात को देखकर बेहद व्यथित नजर आए। उन्होंने कहा कि "जहां कुछ मासूम फूल अब कभी नहीं खिल पाएंगे, वहां पसरा सन्नाटा और जमींदोज़ पड़ा स्कूल भवन का मलबा इंसान को अंदर तक तोड़ देने के लिए काफी है।"
डोटासरा ने स्कूल में मौजूद बच्चों से बातचीत की और पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस दर्द को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। "स्कूल में बच्चों से बात करते हुए हृदय बेहद भारी हो गया। भीतर तक एक अनंत वेदना महसूस हुई," उन्होंने कहा।
कांग्रेस नेता ने हादसे के लिए सीधे तौर पर प्रशासन और सिस्टम की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "यह हादसा सिर्फ एक तकनीकी खामी नहीं, बल्कि सिस्टम की असंवेदनशीलता और प्रशासनिक नाकामी का नतीजा है। यह अपार दु:ख केवल पीड़ित परिवारों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की आत्मा को झकझोरने वाला है।"
डोटासरा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही पीड़ित परिवारों को त्वरित और समुचित मुआवजा दिए जाने की अपील भी की।
Rajlokmedia.com
झालावाड़ जिले के पिपलोदी गांव में हुए स्कूल भवन हादसे को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने गहरा शोक व्यक्त किया है। डोटासरा आज घटनास्थल पर पहुंचे और हालात को देखकर बेहद व्यथित नजर आए। उन्होंने कहा कि "जहां कुछ मासूम फूल अब कभी नहीं खिल पाएंगे, वहां पसरा सन्नाटा और जमींदोज़ पड़ा स्कूल भवन का मलबा इंसान को अंदर तक तोड़ देने के लिए काफी है।"
डोटासरा ने स्कूल में मौजूद बच्चों से बातचीत की और पीड़ित परिवारों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस दर्द को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। "स्कूल में बच्चों से बात करते हुए हृदय बेहद भारी हो गया। भीतर तक एक अनंत वेदना महसूस हुई," उन्होंने कहा।
कांग्रेस नेता ने हादसे के लिए सीधे तौर पर प्रशासन और सिस्टम की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, "यह हादसा सिर्फ एक तकनीकी खामी नहीं, बल्कि सिस्टम की असंवेदनशीलता और प्रशासनिक नाकामी का नतीजा है। यह अपार दु:ख केवल पीड़ित परिवारों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की आत्मा को झकझोरने वाला है।"
डोटासरा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही पीड़ित परिवारों को त्वरित और समुचित मुआवजा दिए जाने की अपील भी की।
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