जयपुर शहीद स्मारक पर सत्याग्रह: नरेश मीणा की रिहाई और पीपलोदी हादसे के पीड़ितों को न्याय की मांग
झालावाड़ जिले के पीपलोदी गाँव में कुछ दिन पूर्व स्कूल भवन गिरने से हुए दर्दनाक हादसा मामला
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Political | 21 Aug 2025
जयपुर, 21 अगस्त।
झालावाड़ जिले के पीपलोदी गाँव में कुछ दिन पूर्व स्कूल भवन गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद न्याय की आवाज़ उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नरेश मीणा को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के विरोध में गुरुवार को जयपुर शहीद स्मारक पर एक दिवसीय सत्याग्रह आयोजित किया गया।
इस सत्याग्रह में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार और भ्रष्ट सिस्टम पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो व्यक्ति पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग करता है, उसे जेल भेजना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
नरेश मीणा का केस
झालावाड़ के पीपलोदी गाँव में हुए स्कूल हादसे में कई बच्चों की मौत और कई घायल हुए थे। नरेश मीणा ने सरकार व प्रशासन से जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवज़ा व घायलों को बेहतर इलाज की मांग की।
इसी दौरान प्रशासन ने उन पर शांति भंग करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे आरोप लगाते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है और असल दोषियों को बचाने की कोशिश है।
सत्याग्रह की प्रमुख माँगें
नरेश मीणा की तुरंत रिहाई की जाए।
पीपलोदी हादसे के दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई हो।
मृतक बच्चों के परिजनों को उचित मुआवज़ा और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए।
अगला कदम – विधानसभा घेराव
सत्याग्रह के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने उपरोक्त माँगों को शीघ्र पूरा नहीं किया, तो आगामी 1 सितंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि सरकार चाहे जितना भी दमन करे, लेकिन न्याय की लड़ाई हर हाल में जारी रहेगी।
झालावाड़ जिले के पीपलोदी गाँव में कुछ दिन पूर्व स्कूल भवन गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के बाद न्याय की आवाज़ उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नरेश मीणा को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के विरोध में गुरुवार को जयपुर शहीद स्मारक पर एक दिवसीय सत्याग्रह आयोजित किया गया।
इस सत्याग्रह में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा सरकार और भ्रष्ट सिस्टम पर आरोप लगाते हुए कहा कि जो व्यक्ति पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग करता है, उसे जेल भेजना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
नरेश मीणा का केस
झालावाड़ के पीपलोदी गाँव में हुए स्कूल हादसे में कई बच्चों की मौत और कई घायल हुए थे। नरेश मीणा ने सरकार व प्रशासन से जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, मृतकों के परिजनों को उचित मुआवज़ा व घायलों को बेहतर इलाज की मांग की।
इसी दौरान प्रशासन ने उन पर शांति भंग करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने जैसे आरोप लगाते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है और असल दोषियों को बचाने की कोशिश है।
सत्याग्रह की प्रमुख माँगें
नरेश मीणा की तुरंत रिहाई की जाए।
पीपलोदी हादसे के दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई हो।
मृतक बच्चों के परिजनों को उचित मुआवज़ा और घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए।
अगला कदम – विधानसभा घेराव
सत्याग्रह के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि सरकार ने उपरोक्त माँगों को शीघ्र पूरा नहीं किया, तो आगामी 1 सितंबर से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि सरकार चाहे जितना भी दमन करे, लेकिन न्याय की लड़ाई हर हाल में जारी रहेगी।
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